आरक्षण – अवसरवादी राजनीति
सन १९४७ में भारत स्वतंत्र तो हुआ, किन्तु साथ ही शुरू हुई एक अलग ही अधीनता। यह अधीनता थी राजनितिक अधीनता जिसका शुभारम्भ तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में हुआ था। जवाहरलाल नेहरू के अनुसार पिछड़े वर्ग, अनुशुचित जाती एवं अबुसूचित जनजाति को विद्यालयों में तथा सरकारी नौकरी में कुछ प्रतिशत आरक्षण का प्रयोजन किया … Read more