February 2016: Black Month of Indian Politics – Role of Media

The recent series of events in India that created a political storm are something that all seem to be well coordinated and well planned events. I was just trying to get through the overall set of incidents that all started on February 9 and are carrying on till date.  The media reports have all been … Read more

Hypocrite Liberals – Returning Awards

Indian Writers who were awarded with Sahitya Academy (साहित्य अकादमी) awards are returning their awards aligning with Nayantara Sehgal and going against Academy. Complete news can be read at:  Writers step up protest, six more return Akademi award Now, as usual, I need to dwell deeper in the way these writers who proclaim to be (Pseudo) … Read more

प्रेम के बदलते स्वरुप

“प्रेम” एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही हर किसी की बांछे खिल जाती है। फिर वो कोई बच्चा हो, युवा हो, युवती हो या कोई अधेड़ या वृद्ध। लेकिन यहाँ पर हर कोई एक ही गलती करता है और वह है प्रेम की परिभाषा को समझना और प्रेम शब्द को केवल एक ही रिश्ते … Read more

घुँघट प्रथा – एक कुरीति

भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग कही जाने वाली घुँघट प्रथा क्या वाकई भारतीय है?  यदि आप इस प्रश्न पर गहन चिंतन करेंगे एवं इतिहास के पन्नों में इसकी उत्पत्ति का  खोजेंगे, तो आपका उत्तर होगा – “नहीं”।  जी हाँ, घुँघट प्रथा भारतीय संस्कृति की अपनाई हुई एक कुरीति  जिसने वर्षों से  स्त्रियों को प्रगति राह … Read more

कॉंगेस का अधूरा सत्य

आज फेसबुक पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ई) द्वारा जारी एक चलचित्र (वीडियो) देखा जिसमें उन्होंने बड़ी सफाई से वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को खलनायक बताया गया है। इस विडिओ में कांग्रेस ने श्री मोदी द्वारा कनाडा, जर्मनी एवं चीन में दिए गए भाषणो में से तथाकथित पन्तियाँ दर्शाई हैं जिनमें श्री मोदी ने पहले … Read more

भारत में पत्रकारिता का पतन

कभी सोचता हूँ की भारत में समाचार पत्रों के माध्यम से अथवा विभिन्न टीवी चैनल्स के माध्यम से हमें क्या समाचार प्रेषित होते हैं। आज का पत्रकार मेरे विचार में पत्रकार काम और भांड ज्यादा बन चूका है। एक समय था जब पत्रकारिता आजीविका का साधन तो थी, किन्तु उसमें एक सत्यवादिता थी।  आज सत्य का … Read more